मंगलवार, 11 फ़रवरी 2014

तसवीर


तसवीर से बतियाता, जब याद आती है। 
मेरे दिल कि धड़कन भी, तेरे गीत गति है।।

होंठो कि ये लाली, तेरी और बुलाती है। 
और मुस्कराहट भी, मुझे मुस्कुराती है।।

तेरी छोटी आँखों में, है राज़ कई गहरे। 
कानो कि ये बाली, तेरी और बुलाती है।।

जो केह रहा है दिल, वो समझ रही हो तुम। 
और ना समझके भी, कुछ समझ दिखती हैं।।

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